पर्यावरण पर एक नजर

जाने पर्यावरण को - 

वो सभी प्राकृतिक चीजें जो पृथ्वी पर जीवन संभव बनाती है पर्यावरण के अंतरगर्त आती है जैसे की जल, वायु, सूर्य के प्रकाश, भूमि, अग्नि, वन, पशु, पौंधें, इत्यादि| ऐसा माना जाता है की केवल पृथ्वी ही पुरे ब्रह्माण्ड में एक मात्र ऐसा गृह है जहा जीवन के अस्तित्व के लिए आवश्यक पर्यावरण है| पर्यावरण के बिना यहाँ हम जीवन का अनुमान नहीं लगा सकते इसीलिए हमें भविष्य में जीवन की संभावना सुनिश्चित करने के लिए अपने पर्यावरण को स्वस्थ्य और सुरछित रखना चाहिए| यह पृथ्वी पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है| हर किसी को आगे आना चाहिए और पर्यावरण की सुरक्षा के अभियान में शामिल होना चाहिए।
           प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए पर्यावरण और जीवित चीजो के बीच नियमित रूप से विभिन्न चक्र घटित होते रहते है। हालांकि, अगर किसी भी कारण से ये चक्र बिगड़ जाते हैं तो प्रकृति का भी संतुलन बिगड़ जाता है जो की अंततः मानव जीवन को प्रभावित करता है। हमारा पर्यावरण हजारो वर्षो से हमें और अन्य प्रकार के जीवो को धरती पर बढ़ने, विकसित होने और पनपने में मदद कर रहा है। मनुष्य पृथ्वी पर भगवान के द्वारा बनाया गया सबसे बुद्धिमान प्राणी के रूप में माना जाता है परंतु मनुष्य इस बात का दुरुपयोग करके अन्य पशु पक्षियों तथा जीवो को अनायास सताने का कार्य करने लगा और विज्ञान की तरफ बड़ी तेजी से अग्रसर होने लगा।
               हर व्यक्ति के जीवन में इस प्रकार की तकनीकी उन्नति दिन-ब-दिन पृथ्वी पर जीवन के संभावनाओं को खतरे में डाल रहा है क्योकि हमारा पर्यावरण धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है| ऐसा लगता है की ये एक दिन जीवन के लिए बहोत हानिकारक हो जाएगी क्योकि प्राकृतिक हवा, मिट्टी और पानी प्रदूषित होते जा रहे हैं| हालाँकि इसने इंसान, पशु, पौधे और अन्य जीवित चीजों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है।
मनुष्य में सब्र और सहनशीलता बिल्कुल खत्म हो चुकी है जिसकी वजह से नहीं वास्तविक सच्चाई से दूर होकर ईश्वर के द्वारा बनाए गए संविधान को तोड़ता हुआ प्रकृति से छेड़छाड़ करता हुआ हानिकारक रसायनों के उपयोग द्वारा कृत्रिम रूप से तैयार उर्वरक जो की मिट्टी को खराब कर रहे हैं परोक्ष रूप से हमारे दैनिक खाना खाने के माध्यम से हमारे शरीर में एकत्र हो रहे हैं। औद्योगिक कंपनियों से उत्पन्न हानिकारक धुँआ दैनिक आधार पर प्राकृतिक हवा को प्रदूषित कर रहे हैं जो की काफी हद तक हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं क्योकि इसे हम हर पल साँस लेते हैं|
पर्यावरण के सुधार में ठोस उपाय -
                इस व्यस्त, भीड़ और उन्नत जीवन में हमे दैनिक आधार पर छोटी छोटी बुरी आदतों का ख्याल रखना चाहिए इसके लिए वर्तमान में हमें  सबसे अधिक आवश्यकता  आध्यात्मिक ज्ञान की है जिससे मनुष्य को  भगवान के द्वारा दी गई देन यह पर्यावरण हमारा जीवन  और इस पृथ्वी पर  उपलब्ध होने वाले हर एक  आवश्यक और अनावश्यक वस्तु क्या महत्व रखते हैं इसका ज्ञान होता है  मनुष्य  आज  भगवान को भूल  विज्ञान की तरफ अग्रसर हो रहा है जिसकी वजह से  उसे  तत्वज्ञान हीनता  होने की वजह से मनुष्य पर अंकुश लगाना पसंद नहीं है।
संत रामपाल जी महाराज  के आध्यात्मिक ज्ञान  के आधार पर  करोड़ों लोग  अनावश्यक पेड़ों को काटना  तथा  जीव हिंसा करना  त्याग दिया है संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों का कहना है कि  उनके गुरु  संत रामपाल जी महाराज ने  उन्हें ऐसा आध्यात्मिक ज्ञान बताया है जिससे प्रभावित होकर प्रकृति से तथा भगवान के संविधान से छेड़छाड़ करने पर होने  वाले दुष्परिणाम और भगवान के दरबार में मिलने वाली सजा का ज्ञान अब हुआ है जिसकी वजह से उन्होंने सभी  बुरी आदतें छोड़ कर  एक अच्छा प्राकृतिक एवं सामाजिक  वातावरण बनाना शुरू कर दिया है और यह सत्य है की हर किसी के छोटे से छोटे प्रयास से हम हमारे बिगड़ते पर्यावरण की दिशा में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। हम हमारे स्वार्थ के लिए और हमारे विनाशकारी इच्छाओं को पूरा करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का गलत उपयोग नहीं करना चाहिए। हम हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास करना चाहिए लेकिन हमेशा यह सुनिश्चित रहे की भविष्य में हमारे पर्यावरण को इससे कोई नुकसान न हो और आध्यात्मिक मार्ग दर्शक सन्त रामपाल जी महाराज के द्वारा किये जा रहे प्रयासों के साथ हमें सुनिश्चित करना चाहिए की नई तकनीक हमारे पारिस्थितिकी संतुलन को कभी गड़बड़ न करे ।
अधिक जानकारी के लिए देखें👇👇
👇👇
www.supremegod.org

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

नास्तिकता नर्क का द्वार

मांस खाना महापाप है।

प्राकृतिक आपदाएं